रूट योजना, समय, अनुष्ठान और यात्रा तैयारी के लिए एक संक्षिप्त मार्गदर्शिका
यह यात्रा भक्ति, प्रार्थना, और आभार के रूप में की जाती है।
सावन में यात्रा का माहौल विशेष रूप से सक्रिय रहता है।
स्वयंसेवक और लंगर मार्ग को सहारा देते हैं।
यह यात्रा परिवारों के लिए सुलभ पहाड़ी तीर्थ का रूप लेती है।
सावन में यात्रा का माहौल और उत्साह बहुत बढ़ जाता है।
रक्षा बंधन और छड़ी-परंपरा जैसी परंपराएँ यात्रा में औपचारिक रचना देती हैं।
भीड़ से बाहर आने पर यात्रा अधिक शांतिपूर्ण रहती है।
यात्रा से पहले इसे एक रूपरेखा के रूप में उपयोग करें।
अधिकाँश यात्री रेल, सड़क या हवाई मार्ग से जम्मू पहुँचना पसंद करते हैं और फिर आगे की योजना बनाते हैं।
पूनछ मुख्य मार्गदर्शक बिंदु है। सड़क यात्रा के लिए पर्याप्त समय रखें।
पूनछ से मंडी लगभग 22-25 किमी है; स्थानीय परिवहन के अनुसार समन्वय करें।
रूट व सुविधाएँ देखने के बाद पंजीकरण के लिए आधिकारिक पोर्टल खोलें या योजना के लिए संपर्क पृष्ठ खोलें।